वाच्य परिवर्तन
वाच्य के प्रकार
- कर्तृवाच्य: कर्ता प्रधान होता है।
- उदाहरण: राम: गृहं गच्छति।
- कर्ता: राम, कर्म: गृहम्, क्रिया: गच्छति
- कर्मवाच्य: कर्म की प्रधानता होती है।
- उदाहरण: रामेण गृहं गम्यते।
- कर्ता: रामेण, कर्म: गृहम्, क्रिया: गम्यते
- भाववाच्य: क्रिया का अर्थ या भाव प्रधान होता है।
- उदाहरण: छात्राः हसन्ति।
- कर्ता: छात्राः, क्रिया: हसन्ति
वाच्य परिवर्तन के नियम
- कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में परिवर्तन:
- क्रिया का रूप बदलता है।
- उदाहरण:
- पठति → पठ्यते
- खादति → खाद्यते
भूतकाल की क्रियाओं में परिवर्तन
- कर्तृवाच्य में 'क्तवतु' प्रत्यय का प्रयोग होता है।
- कर्मवाच्य में 'क्त' प्रत्यय का प्रयोग होता है।
- उदाहरण:
- स: फलानि खादितवान्। (कर्तृवाच्य)
- तेन फलानि खादितानि। (कर्मवाच्य)
- उदाहरण:
अभ्यास कार्य
- वाक्य परिवर्तन करें:
- अहं ........ पूजयामि। (कर्तृवाच्य)
- मया देवः पूज्यते। (कर्मवाच्य)
- क्रियापद परिवर्तन करें:
- स: जलम् पिबति।
- तेन जलम् .......