सुभाषितानि
विषय
- परिश्रम का महत्त्व
- क्रोध का दुष्प्रभाव
- सभी वस्तुओं की उपादेयता
- बुद्धि की विशेषता
प्रमुख श्लोक
- आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः।
- उद्यमसमः बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति।
- गुणी गुणं वेत्ति न वेत्ति निर्गुणो।
- बली बलं वेत्ति न वेत्ति निर्बलः।
- पिको वसन्तस्य गुणं न वायसः।
- करी च सिंहस्य बलं न मूषकः।
- निमित्तमुद्दिश्य यः प्रकुप्यति, ध्रुवं स तस्यापगमे प्रसीदति।
- अकारणद्वेषि मनस्तु यस्य वै, कथं जनस्तं परितोषयिष्यति।
- उदीरितोऽर्थः पशुनापि गृह्यते।
- अनुक्तमप्यूहति पण्डितो जनः।
महत्वपूर्ण बातें
- परिश्रम: मनुष्य का पहला शत्रु आलस्य है।
- क्रोध: शरीर का विनाशक है।
- समानशीलता: समान स्वभाव वाले लोग एक-दूसरे के साथ मित्रता करते हैं।
- बुद्धि: विद्वान् व्यक्ति अनुक्त तथ्यों को भी जानता है।
निष्कर्ष
- सुभाषितानि जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करती हैं।