शब्दरूप: सामान्य परिचय
व्याकरण की मूल बातें
- वाक्य की सबसे छोटी इकाई को शब्द कहते हैं।
- शब्दों के अनेक रूप होते हैं: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि।
- संज्ञा शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव (क्रिया) आदि का बोध कराते हैं।
विभक्तियाँ
- संज्ञा, सर्वनाम आदि शब्दों में प्रथमा, द्वितीया आदि विभक्तियाँ लगाई जाती हैं।
- विभक्तियाँ सात होती हैं।
विभक्तियों की तालिका
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | फलम् | फले | फलानि |
| द्वितीया | फलम् | फले | फलानि |
| तृतीया | फलेन | फलाभ्याम् | फलैः |
| चतुर्थी | फलाय | फलाभ्याम् | फलेभ्यः |
| पञ्चमी | फलात | फलाभ्याम् | फलेभ्यः |
| षष्ठी | फलस्य | फलयोः | फलानाम् |
| सप्तमी | फले | फलयोः | फलेषु |
शब्दों के वर्ग
- संज्ञा शब्द
- सर्वनाम शब्द
- संख्यावाचक शब्द
स्वरान्त और व्यञ्जनान्त शब्द
- स्वरान्त: जिन शब्दों के अन्त में स्वर होते हैं।
- व्यञ्जनान्त: जिन शब्दों के अन्त में व्यञ्जन होते हैं।
उदाहरण
-
अकारान्त पुंल्लिङ्ग शब्द 'बालक':
- प्रथमा: बालकः
- द्वितीया: बालकम्
- बहुवचन: बालका:
-
आकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्द 'बालिका':
- प्रथमा: बालिका:
- द्वितीया: बालिकाम्
- बहुवचन: बालिकाः
-
अकारान्त नपुंसकलिङ्ग शब्द 'फल':
- प्रथमा: फलम्
- द्वितीया: फलम्
- बहुवचन: फलानि
-
नकारान्त पुंल्लिङ्ग शब्द 'राजन्':
- प्रथमा: राजा
- द्वितीया: राजानौ
- बहुवचन: राजान: