कविता का सौंदर्य
मानवीकरण अलंकार
- इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग किस प्रकार किया गया है? 1. 2.
कविता का सौंदर्य
- आपकी दृष्टि में इस कविता का सौंदर्य इनमें से किस पर निर्भर करता है -
- (क) अनेक शब्दों की आवृत्ति पर।
- (ख) शब्दों की चित्रमयी भाषा पर।
- (ग) कविता की संगीतात्मकता पर।
चित्रात्मक शैली
- कवि ने चित्रात्मक शैली का प्रयोग करते हुए पावस ऋतु का सजीव चित्र अंकित किया है। ऐसे स्थलों को छाँटकर लिखिए।
प्राकृतिक परिवर्तन
- इस कविता में वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों की बात कही गई है।
परियोजना कार्य
- वर्षा ऋतु पर लिखी गई अन्य कवियों की कविताओं का संग्रह कीजिए और कक्षा में सुनाइए।
- बारिश, झरने, इंद्रधनुष, बादल, कोयल, पानी, पक्षी, सूरज, हरियाली, फूल, फल आदि या कोई भी प्रकृति विषयक शब्द का प्रयोग करते हुए एक कविता लिखने का प्रयास कीजिए।
शब्दार्थ और टिप्पणियाँ
- पावस
- प्रकृति - वेश
- वर्षा ऋतु
- प्रकृति का रूप
- करघनी के आकार की पहाड़ की ढाल
- हज़ार
- पुष्प रूपी आँखें
- देखना
- विशाल आकार
- मेखलाकार
- सहस्र
- दृग-सुमन
- अवलोक
- महाकार
- दर्पण
- मद
- झाग
- उर
- उच्चाकांक्षा
- तरुवर
- नीरव नभ
- अनिमेष
- आईना
- मस्ती
- फेन
- हृदय
- ऊँचा उठने की कामना
- पेड़
- शांत आकाश
- एकटक