स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं का योगदान
- सरोजिनी नायडू: स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- अरुणा आसफ अली: स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहीं।
- कस्तूरबा गांधी: महात्मा गांधी की पत्नी, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान।
कलकत्ता का योगदान
- स्वतंत्रता संग्राम में कलकत्ता का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
प्रचार के माध्यम
- अनुमान: प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया गया होगा।
पल्स पोलियो केंद्र का प्रचार
- बिना पैसे के प्रचार के उदाहरण:
- स्थानीय समाचार पत्रों में सूचना देना।
- मोहल्ले में चिट्ठियाँ बांटना।
- सामुदायिक बैठकें आयोजित करना।
वाक्य संरचना
- सरल वाक्य:
- उदाहरण: "लोग टोलियाँ बनाकर मैदान में घूमने लगे।"
- संयुक्त वाक्य:
- उदाहरण: "मोनुमेंट के नीचे झंडा फहराया जाएगा और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी जाएगी।"
- मिश्र वाक्य:
- उदाहरण: "जब अविनाश बाबू ने झंडा गाड़ा तब पुलिस ने उनको पकड़ लिया।"
सीताराम सेकसरिया का जीवन
- जन्म: 1892, नवलगढ़, राजस्थान।
- योगदान: स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रियता, साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थाओं का समर्थन।
- सम्मान: 1962 में पद्मश्री।
26 जनवरी 1931 का महत्व
- स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया।
- कलकत्ता में उत्सव का आयोजन, पुलिस की रोकथाम।
संधि का अर्थ
- संधि: दो शब्दों का जोड़ना।
- उदाहरण: विद्या + अर्थी = विद्यार्थी।
महत्वपूर्ण घटनाएँ
- 26 जनवरी 1930 को 'पूर्ण स्वतंत्रता' की प्रतिज्ञा।
- 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र दिवस।
जुलूस और पुलिस की कार्रवाई
- सुभाष बाबू का जुलूस, पुलिस द्वारा लाठियाँ चलाना।
- महिलाओं की सक्रियता, 105 महिलाएँ गिरफ्तार।
- कुल 200 लोग घायल।
निष्कर्ष
- स्वतंत्रता संग्राम में कलकत्ता का योगदान और महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण थी।
- 26 जनवरी 1931 की घटनाएँ आज भी याद की जाती हैं।