कविता का पठन-पाठन
कविता की विशेषताएँ
- कविता गद्य से भिन्न होती है, जिसमें छंद, तुक, लय, सुर एवं ताल होते हैं।
- कविता पाठक की भावनाओं को उदात्त बनाती है और सौंदर्यबोध को माँजती है।
- किशोर मन को विशेष रूप से प्रभावित करती है।
कविता का आनंद
- उचित लय और प्रवाह के साथ कविता का वाचन आवश्यक है।
- कविता के बाहरी तत्व: शब्द-प्रयोग, अलंकार, कहने की विशिष्ट शैली, छंद, लय, प्रवाह।
- कविता की आत्मा: संपूर्ण कविता में व्याप्त भाव विशेष।
रैदास के पद
- पहला पद: "प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी..."
- कवि अपने आराध्य की तुलना करता है।
- दूसरा पद: "गरीब निवाजु गुसईआ..."
- भगवान की उदारता और कृपा का वर्णन।
शब्दार्थ
- बास: गंध, वास
- समानी: समाना (सुगंध का बस जाना)
- दीपक: ज्योति, देवता के प्रीत्यर्थ जलाया जानेवाला दीपक
कवियों के नाम
- रैदास, कबीर, गुरु नानक, नामदेव, मीराबाई
महत्वपूर्ण बिंदु
- कविता का भावार्थ जान लेना ही पर्याप्त नहीं है; छात्रों को कविता की संवेदना को अपने शब्दों में व्यक्त करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।