रसखान की काव्य रचना
कवि का परिचय
- जन्म: 1548 (सैयद इब्राहिम)
- स्थान: दिल्ली के आस-पास
- मृत्यु: लगभग 1628
- प्रमुख कृतियाँ: सुजान रसखान, प्रेमवाटिका, रसखान रचनावली
काव्य की विशेषताएँ
- कृष्ण की रूप-माधुरी और ब्रज-महिमा का वर्णन
- राधा-कृष्ण की प्रेम-लीलाओं का मनोहर चित्रण
- ब्रजभाषा का सरस और मनोरम प्रयोग
- भाव-विह्वलता और प्रेम की तन्मयता
सवैये का सार
- प्रेम का अभिव्यक्ति: ब्रजभूमि के प्रति कवि का प्रेम विभिन्न रूपों में प्रकट होता है।
- कृष्ण का रूप-सौंदर्य: गोपियाँ कृष्ण का रूप धारण करना चाहती हैं।
- गोपियों की विवशता: कृष्ण की मुरली की धुन और मुस्कान का प्रभाव।
प्रश्न-अभ्यास
- ब्रजभूमि के प्रति कवि का प्रेम किन-किन रूपों में अभिव्यक्त हुआ है?
- कवि का ब्रज के वन, बाग और तालाब को निहारने के पीछे क्या कारण हैं?
- गोपियाँ अपने आप को क्यों विवश पाती हैं?