अधिगम उद्देश्य
- खेल भावना और बदला लेने का ढंग: मेजर ध्यानचंद के खेल भावना और उनके अनोखे बदला लेने के तरीके को समझना, जिसमें वे खेल के दौरान गुस्से को नियंत्रित कर अपने कौशल से विरोधी को परास्त करते हैं।
- मेजर ध्यानचंद की सफलता का रहस्य: उनकी लगन, साधना और खेल भावना को जानना, जो उन्हें 'हॉकी का जादूगर' बनाता है।
- टीम वर्क और खेल भावना: मेजर ध्यानचंद की टीम वर्क की भावना को समझना, जिसमें वे गोल करने का श्रेय अपने साथी खिलाड़ियों को देते हैं।
- डाँडी या गोथा खेल के नियम: इस खेल के नियमों का अध्ययन करना, जो हॉकी के समान है, लेकिन इसमें गोलपोस्ट नहीं होते और खेल का निर्णय गेंद को विरोधी के पाले में अधिक बार ले जाने से होता है।
- संस्मरण की विशेषताएँ: लेखक द्वारा अपनी यादों को पाठकों के साथ साझा करने की विशेषताओं को पहचानना।